Thursday, June 24, 2010

एक पूजा - जरा हाईटैक...जय हनुमान जी



पापा के घर जब हिंदी में लिखा हनुमान चालीसा न मिला तो मनु ने लेपटोप पर हनुमान चालीसा बजा कर मुझे पूजा कराई ! कित्ती कित्ती जुबान - जय हो हिन्दुस्तान !

3 comments:

  1. किसी कवि की कविता की कुछ पंक्तियां याद आ गय़ी-
    हमारी-माताजी भी
    आजकल-
    आधुनिक होने का दम भरती हॆं
    ’ओम जय जगदीश हरे’की
    सी.डी.लगाकर तब पूजा करती हॆं.

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  2. जय जय हनुमान

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